Grab the widget  Get Widgets

ADS RING

tag

bid

chi

Sunday, 25 August 2013

मुफ़्त में पूरी दुनियाँ में कॉल | ultapulta

आइये जानते हैं किस तरह करे मुफ़्त में पूरी दुनियाँ में कॉल | ultapulta
मनोज जैसवाल : सभी पाठकों मेरा प्यार भरा नमस्कार। मेरी पिछली पोस्ट को अत्यधिक पसंद करने के लिए आप सभी का ह्रदय से आभार। आज तकनीकी पोस्टों के क्रम में पेश है।'आइये जानते हैं किस तरह करे मुफ़्त में पूरी दुनियाँ में कॉल' मोबाइल कंपनियों के बढ़ते टैरिफ प्‍लान और कॉल रेट के चलते एसटीडी और आईएसडी कॉल करने में आपका काफी पैसा खर्च हो जाता होगा। ऐसे में अगर फ्री में कॉल करने को मिल जाए तो भला कौन नहीं करना चाहेगा आपको आज एक ऐसी ट्रिक के बारे में बताएंगे जिसकी मदद से आप न सिर्फ देश में बल्‍कि विदेशों में भी फ्री कॉल कर सकेंगे। अगर आपके पास अपना लैपटॉप या फिर पीसी है और साथ में इंटरनेट कनेक्‍शन भी है तो आपको कॉल करने के लिए फोन से नंबर डॉयल करने की कोई जरूरत नहीं क्‍योंकि ऑनलाइन स्‍काइप और याहू की मदद से आप कहीं भी फ्री कॉल कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले अपने पीसी में याहू मैसेंजर और स्‍काइप इंस्‍टॉल करें। स्‍काइप और याहू को इंस्‍टॉल करने के लिए गूगल सर्च की मदद से इनके लेटेस्‍ट वर्जन ही डाउनलोड करें ताकि आपको सभी फीचर मिल सकें।
अब अगर आपका याहू आईडी हैं तो अपनी याहू आईडी और पासवर्ड डालकर उसमें लॉगइन करें, अगर याहू या फिर स्‍काइप में एकाउंट नहीं है तो सबसे पहले अपना एक एकाउंट बनाएं। एकाउंट बन जाने के बाद दोनों में से किसी भी एकाउंट में लॉगइन करें। लॉगइन करने से पहले ध्‍यान रखें आपके पास एक माइक हेडसेट होना चाहिए जिससे आप बात कर सकें। याहू मेसेंजर में लॉग इन करने के बाद आपको स्‍क्रीन पर 18003733411 डायल का ऑप्‍शन दिखेगा जिसमें क्लिक करें और कंप्‍यूटर द्वारा बोले गए सभी इंस्‍ट्रक्‍शन को ध्‍यान से सुनें। ये एक तरह का वेलकम मैसेज होगा, मैसेज में आपको फ्री 411 सर्विस चुनने को कहा जाएगा। कंप्‍यूटर द्वारा बोले जा रहे मैसेज को ध्‍यान से सुनें और जैसे ही "फ्री कॉल" के बारे में कंप्‍यूटर कहे वैसे ही आप भी "फ्री कॉल" हेडसेट लगाकर दोहराएं । फ्री कॉल बोलने पर कंप्‍यूटर आपकी आवाज को डिटेक्‍ट कर लेंगा। बाद में आप जिस नंबर पर फ्री कॉल करना चाहते हैं वो नंबर डायल करके फ्री कॉल कर सकते हैं।- See more at: http://manojjaiswalpbt.blogspot.in/2013/08/article-technology-free.html?utm_source=feedburner&utm_medium=email&utm_campaign=Feed:+blogspot/Rytvt+(ultapulta)#sthash.kJftoUWr.dpuf

Saturday, 24 August 2013

loss mobile find here,मोबाइल गुम या चोरी हुआ हो तो उसे खुद खोजें,

आपका मोबाइल गुम या चोरी हुआ हो तो उसे खुद खोजें इस तरह


इंटरनेट पर कई वेबसाइट्स हैं जो आपको खोया या चोरी मोबाइल ढूंढने में मदद करते हैं, तो अगर अगली बार आपका मोबाइल चोरी हो जाए या खो जाए तो आप इन वेबसाइट्स की मदद ले सकते हैं। इसके लिए आपको मोबाइल सर्विलांस पर लगाने के लिए पुलिस के चक्कर भी नहीं काटने पड़ेंगे। बस आपको इन साइट्स पर अपने फोन का आईएमईआई नंबर रजिस्ट्रेशन करना होगा। इन वेबसाइट्स पर आपको ऐसे कई सॉफ्टवेयर मिलेंगे जो कि आप फ्री में अपने मोबाइल पर डाउनलोड कर सकते हैं। मोबाइल चोरी या गुम होने पर ये सॉफ्टवेयर उसकी असल लोकेशन दिखाएंगे, जो कि आपके फोन के आईएमईआई (इंटरनेशनल मोबाइल इक्वीपमेंट आईटेंडीफाइंग) नंबर पर आधारित होगी। इसके अलावा ये वेबसाइट्स आपको कई तरीके भी बताती हैं, जिनसे आप अपने फोन की चोरों से सुरक्षा कर सकते हैं। इसके अलावा कई टोल फ्री नंबर भी इन वेबसाइट्स पर उपलब्ध हैं, जो आपको फोन खोजने में गाइड करेंगे। तो जब भी नया फोन खरीदें, सबसे पहले अपने फोन का आईएमईआई नंबर *#06# पर डायल कर नोट करा लें। इसके बाद इन वेबसाइट्स पर रजिस्ट्रेशन कराएं और खोजें अपना खोया हुआ गैजेट। ये हैं कुछ प्रमुख वेबसाइट्स www.bhartiyamobile.com www.microlmts.net www.trackimei.com www.in.blackberry.com www.lookout.com
"Ratan Times"






Shaadi.com Indian Matrimonials

Monday, 19 August 2013

windows xp,विंडोज़ के कुछ विकल्प

आइये जानते है विंडोज़ XP के कुछ विकल्प - मजेदार दुनियाँ
आइये जानते है  विंडोज़ XP के कुछ विकल्प अप्रैल 2014 के बाद से माइक्रोसॉफ्ट अपने सफल ऑपरेटिंग सिस्टम विंडोज़ XP को अलविदा कह देगा। बेहतर होगा कि आप एक्सपी के विकल्पों के बारे में सोचें। 

ऑप्शन से पहले तय करें यूज़
ऐसे में आपके पास सिर्फ दो विकल्प हैं। या तो विंडोज़ एक्सपी पर काम करते रहें और अपनी सिक्यूरिटी किस्मत के भरोसे छोड़ दें या फिर किसी बेहतर ऑपरेटिंग सिस्टम को अपना लें। नए ऑपरेटिंग सिस्टम का चुनाव कई बातों पर निर्भर करेगा। सबसे अहम होगा आपका बजट और कामकाज का मौजूदा तौर-तरीका।



अगर आप विंडोज़ पर काम करने के आदी हो चुके हैं तो हो सकता है मैकिन्टोश (ऐपल का ऑपरेटिंग सिस्टम) या Linux (ओपन सोर्स ऑपरेटिंग सिस्टम) जैसे किसी दूसरे ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करने में परेशानी महसूस करें। ऐसे में विंडोज़ की ही सीरिज़ के किसी नए ऑपरेटिंग सिस्टम को अपनाना आपकी मजबूरी बन जाती है।

विंडोज़ में क्या हैं ऑप्शंस
विंडोज़ में आपके पास दो ठोस विकल्प हैं- विंडोज़ 7 और विंडोज़ 8। हालांकि विंडोज़ विस्टा का विकल्प भी मौजूद है लेकिन यह स्पीड और यूज़र इंटरफेस के मामले में मात खा जाता है। यही कारण है कि विस्टा अधिक लोकप्रिय नहीं हो सका।

समझें 7 और 8 का गणित
विंडोज़ 7 और विंडोज़ 8 में से किसी एक का चुनाव करना आसान काम नहीं है। दोनों की कुछ खासियतें और सीमाएं हैं। आखिरी फैसला लेने से पहले दोनों ऑपरेटिंग सिस्टम्स की तुलना कर लेना जरूरी है।

कब तक मिलेगा सपोर्ट? :
आम तौर पर माइक्रोसॉफ्ट के ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए दस साल तक सिक्यूरिटी अपडेट्स और सपोर्ट उपलब्ध होता है। विंडोज़ 7 की शुरुआत 2009 में हुई थी, यानी कम से कम 2019 तक माइक्रोसॉफ्ट इसका सपोर्ट जारी रखेगा। दूसरी तरफ विंडोज़ 8 इसके तीन साल बाद आया था, इसलिए उसे खरीदने के बाद आप 2022 तक सिक्युरिटी को लेकर निश्चिंत हो सकते हैं।

लोकप्रियता:
विंडोज़ 8 के मुकाबले विंडोज़ 7 ज्यादा लोकप्रिय है। कारण है इसका पिछले ऑपरेटिंग सिस्टम्स से मिलता-जुलता होना, काम करने में आसान और तेज़ होना। विंडोज़ का यह एडिशन काफी सिक्युअर भी है। दूसरी तरफ माइक्रोसॉफ्ट की तमाम कोशिशों के बावजूद विंडोज़ 8 लोगों को अपनी ओर नहीं खींच पा रहा है। यह पारंपरिक लैपटॉप-डेस्क टॉप ऑपरेटिंग सिस्टम्स से काफी अलग दिखता है और टैब्लेट्स जैसे मोबाइल डिवाइस के हिसाब से ज्यादा फिट नजर आता है। माइक्रोसॉफ्ट ने इसे लोकप्रिय बनाने के लिए बेहद सस्ते दामों पर अपग्रेड करने की सुविधा भी दी थी लेकिन उसका बहुत फर्क पड़ा हो, ऐसा नहीं लगता।

इस्तेमाल में आसानी :
विंडोज़ 7 को इस्तेमाल करने में कोई खास मुश्किल पेश नहीं आती क्योंकि इसका यूज़र इंटरफेस काफी हद तक विंडोज़ एक्सपी जैसा ही है। वही स्टार्ट बटन, वही डेस्क टॉप  वही स्टार्ट मेन्यू, वही टास्क बार और वही पावर बटन। दूसरी तरफ विंडोज़ 8 को पहली बार इस्तेमाल करने पर आपको माहौल पराया-पराया सा लगेगा। इसे स्टार्ट स्क्रीन कहा जाता है लेकिन यहां स्टार्ट बटन ग़ायब है, स्टार्ट मेन्यू भी और पावर बटन को बदलकर दूसरी जगह ले जाया गया है, जहां वह काम भी दूसरे ही तरीके से करता है।

डेस्क टॉप पर फाइलें रखने की आदत से मजबूर लोग विंडोज़ 8 पर काम करते हुए झुंझला जाते हैं। यहां भी डेस्क टॉप है तो सही लेकिन वहां तक पहुंचने के लिए अलग से जहमत उठानी पड़ती है। सिस्टम खोलने के बाद सामने आने वाली स्क्रीन पिछले ऑपरेटिंग सिस्टम्स जैसी भी नहीं है।

सॉफ्टवेयर सपोर्ट:
यहां भी विंडोज़ 7 बाज़ी मार ले जाता है। विंडोज़ एक्सपी पर चलने वाले ज्यादातर सॉफ्टवेयर इसमें बड़े आराम से काम करते हैं । जबकि विंडोज़ 8 में कुछ पुराने सॉफ्टवेयर नहीं चल पाते। हालांकि उन्हें कम्पैटिबिलिटी मोड में ले जाकर चलाया जा सकता है लेकिन आम यूजर्स के लिए इस तरह की तकनीकी सेटिंग्स कर पाना मुश्किल काम है।

ऐप:
अगर आप ऐप्लीकेशन्स के दीवाने हैं तो विंडोज़ 8 आपको पसंद आएगा। इसमें टैब्लेट्स और स्मार्टफोन्स की ही तरह ऐप्लीकेशन्स के कॉन्सेप्ट को शुरू किया गया है। जरूरत के लिहाज से ऐप्लीकेशन्स को डाउनलोड करना बेहद आसान है। खासकर बच्चों को यह बहुत पसंद आता है जिन्हें नए-नए गेम्स और ऐप्लीकेशन्स पाने के लिए कोई मशक्कत नहीं करनी पड़ती।

कामकाज का ढंग :
अगर आप मोबाइल डिवाइस टैब्लेट्स, लैपटॉप्स आदि का इस्तेमाल ज्यादा करते हैं तो विंडोज़ 8 ज्यादा आसान और सुविधाजनक महसूस होगा। टच बेस सिस्टम्स को पसंद करने वालों को यह भाएगा। लुक्स को तरजीह देते हैं तो यही बेहतर होगा। इसे नए दौर के यूजर्स की आदतों के हिसाब से डिजाइन किया गया है। लेकिन ऑफ़िस या घर पर इत्मिनान से बैठकर काम करने वालों को विंडोज़ 7 जैसा नो-नॉनसेंस, प्रफेशनल क्वॉलिटी ऑपरेटिंग सिस्टम ज्यादा पसंद आएगा।

सिक्यूरिटी:
विंडोज़ 8 के लिए माइक्रोसॉफ्ट ने अपना एंटी-वायरस सॉफ्टवेयर विंडोज़ डिफेन्डर नए सिरे से तैयार किया है। अब यह बाजार में मिलने वाले किसी भी एंटी वायरस की टक्कर का है इसलिए सिक्यूरिटी पर होने वाले अलग खर्च से बचाता है। विंडोज़ 8 के साथ आने वाला इंटरनेट एक्सप्लोरर 10 भी अपने पिछले एडिशंस से ज्यादा सिक्युअर है।

काम की तेजी:
विंडोज़ 7 एक तेज-तर्रार ऑपरेटिंग सिस्टम है लेकिन विंडोज़ 8 की तेजी विंडोज़ 7 को शर्माने पर मजबूर कर देती है। विंड़ोज़ 7 के कई स्पेशल विजुअल इफेक्ट्स नए ऑपरेटिंग सिस्टम (विंडोज़ 8) में शामिल नहीं किए गए हैं। इन इफेक्ट्स को चलाने में कंप्यूटर के प्रॉसेसर की जो एनर्जी खर्च होती थी, वह जरूरी सॉफ्टवेयर्स को चलाने में ज्यादा इस्तेमाल हो पाती है। नतीजा? कामकाज की तेजी। प्रॉसेसर पर बोझ कम है इसलिए अगर एक ही किस्म (कॉन्फिग्युरेशन) के दो लैपटॉप में से एक में विंडोज़ 7 और दूसरे
में विंडोज़ 8 चलाएँगे तो विंडोज़ 8 पर चलने वाले लैपटॉप में बैटरी ज्यादा चलेगी।

भविष्य किसका है :
विंडोज़ 7 का मतलब है पारंपरिक लेकिन दमदार ऑपरेटिंग सिस्टम। विंडोज़ 8 का मतलब है, नए जमाने और नए तौर-तरीकों के मुताबिक ठीकठाक ऑपरेटिंग सिस्टम। भविष्य विंडोज़ 8 की तरफ झुका हुआ लगता है। आने वाले वक्त मोबाइल डिवाइसेज का है और इसीलिए माइक्रोसॉफ्ट ऑपरेटिंग सिस्टम बाजार पर अपनी पकड़ बरकरार रखने के लिए बीच का रास्ता निकाल रहा है। उसने फिलहाल एक नए हाइब्रिड इंटरफेस को विंडोज़ 8 के रूप में इंट्रोड्यूस किया है, लेकिन इसमें अभी बहुत काम बाकी है। ऐसे में विंडोज़ 7 के यूजर्स को आज नहीं तो कल नई किस्म के चेहरे-मोहरे वाले, टच-इनेबल्ड ऑपरेटिंग सिस्टम की तरफ जाना ही पड़ेगा। तब अभी से क्यों नहीं?

जेब पर कौन कितना भारी:
विंडोज़ 7 की तुलना में विंडोज़ 8 थोड़ा महँगा है।

विंडोज़ 8
सिंगल लैंग्वेज एडिशन 6000 रुपये
प्रोफेशनल एडिशन 10000 रुपये

विंडोज़ 7
होम बेसिक एडिशन 5000 रुपये में
होम प्रीमियम 6200 रुपये
प्रोफेशनल एडिशन 8200 रुपये
अल्टीमेट एडिशन 12000 रुपए

भविष्य में अगर आप विंडोज़ 7 से विंडोज़ 8 में अपग्रेड करेंगे तो कुछ रकम खर्च करनी पड़ेगी।


 manoj jaiswal
Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...

add this

chi list unit

page no

Blogger Tips And Tricks|Latest Tips For Bloggers Free Backlinks

otic

cashyork

Website Monitoring - InternetSupervision.com

a brit

Your Ad Here