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Tuesday, 9 April 2019

You can open online shop in just 50 rupees on shopmatic platform | मात्र 50 रुपए में खोलिए अपनी ऑनलाइन दुकान, एक साल तक बिना खर्च कीजिए कमाई

You can open online shop in just 50 rupees on shopmatic platform | मात्र 50 रुपए में खोलिए अपनी ऑनलाइन दुकान, एक साल तक बिना खर्च कीजिए कमाई

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 भारत में ई-कॉमर्स परिदृश्य को बदलने वाली अंतरराष्ट्रीय ई-कॉमर्स कंपनी शॉपमैटिक एसएमई और इच्छुक उद्यमियों के लिए अपना प्लेटफॉर्म केवल 50 रुपए में एक साल के लिए उपलब्ध करा रही है। इस प्लेटफॉर्म के जरिए ग्राहक अपना ऑनलाइन स्टोर स्थापित कर सकते हैं। ग्राहक ऑनलाइन स्टोर को प्रबंधित करने के लिए शॉपमैटिक प्लेटफॉर्म की पावर-पैक सुविधाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं और सफल बिक्री करने पर उन्हें केवल 3 फीसद शुल्क का भुगतान करना है। शॉपमैटिक यह स्वीकार करता है कि ई-कॉमर्स से अवसरों का लाभ उठाने के लिएए एसएमई और इच्छुक उद्यमियों के पास ज्यादा निवेश या प्रतिबद्ध शुल्क के बोझ के बिना एक व्यापक प्लेटफार्म का उपयोग करने की स्वतंत्रता होनी चाहिए और इसलिए उसने इस बेहतरीन पेशकश को लॉन्च किया है।

एक साल में 5 लाख ग्राहक जोड़ने का लक्ष्य
शॉपमैटिक के सह-संस्थापक और सीईओए अनुराग अवुला ने कहा कि शॉपमैटिक ने हमेशा ही अपने ग्राहकों के लिए एक सफल ईकॉमर्स व्यवसाय को सक्षम करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। यह लॉन्च अपने ग्राहकों के प्रति शॉपमैटिक की प्रतिबद्धता की फिर से पुष्टि करता है। उन्होंने कहा कि हम नई क्षमताओं में निवेश करना जारी रखेंगे और अपने ई-कॉमर्स यात्रा में अपने ग्राहकों का समर्थन करेंगे। हमने मूल्य और डिवाइस एक्सेसिबिलिटी की बाधाओं को दूर करके ऑनलाइन बिक्री के इच्छुक लोगों के लिए बाधाओं को समाप्त कर दिया है। देश में स्मार्टफोन की पहुंच का लाभ उठाकर और हमारे मूल्य निर्धारण में सुविधाएं देकर, हम अगले 12 महीनों में 500,000 ग्राहकों को ईकॉमर्स इकोसिस्टम में लाने का इरादा रखते हैं। उन्होंने कहा कि भारत में ई-कॉमर्स के तेजी से बढ़ते क्षेत्र होने के बावजूद सभी एसएमबीए शौकीनों, शिल्पकारों, कारीगरों और व्यवसायों ने काफी ज्यादा निवेश होने की वजह से ई-कॉमर्स मार्ग को नहीं अपनाया है और इसकी वजह यह धारणा भी है कि ई-कॉमर्स व्यवसाय स्थापित करना मुश्किल है। इसके अलावा, व्यवसाय इस बात पर भी अनिश्चित है कि क्या वे वेबसाइट डेवलपर्स या ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म प्रदाताओं को महत्वपूर्ण शुल्क देने के बाद भी सफल होंगे?

मिनटों में बना सकते हैं ई-कॉमर्स स्टोर


अवुला ने कहा कि शॉपमैटिक इस लॉन्च के साथ इन परेशानियों को दूर करता है। शॉपमैटिक के साथ ऑनलाइन जाना अब मुश्किल नहीं है, क्योंकि व्यवसायी शॉपमैटिक ऐप को डाउनलोड कर सकते हैं या शॉपमैटिक खाते के लिए कंप्यूटर, टैबलेट या अपनी सुविधा अनुसार किसी भी डिवाइस से साइन अप कर सकते हैं और मिनटों में एक ईकॉमर्स स्टोर बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि इसके अलावा, शॉपमैटिक की मूल्य निर्धारण योजनाएं अब ग्राहकों की सफलता से जुड़ी हैं। व्यापारियों को एक सफल बिक्री पर केवल 3 फीसद लेनदेन शुल्क और 12 महीने के अंत में होस्ट की फीस 50 रुपए देना है। 

अब तक 50 हजार विक्रेताओं की मदद


अवुला ने कहा कि शॉपमैटिक ने उपयोग में आसानए पावर-पैक टूल और कार्यक्षमता प्रदान करके एक संपन्न ऑनलाइन व्यवसाय स्थापित करने में 50,000 से अधिक विक्रेताओं की मदद की है। इस नवीनतम गेम-चेंजिंग पहल के साथ, शॉपमैटिक का उद्देश्य प्रत्येक भारतीय व्यवसायी को अपनी ई-कॉमर्स क्षमता को अनलॉक करने में सक्षम बनाना है। उन्होंने कहा कि हर सफल लेन-देन पर केवल केवल 3 फीसद लेनदेन शुल्क और 50 रुपए के वार्षिक होस्टिंग शुल्क के साथ ऑनलाइन उद्यमियों के पास ऑनलाइन बेचने के लिए पूरा इकोसिस्टम होगा।

Opportunities to earn3 lakhs rupees in 3 months | इस बिजनेस में मात्र 15 हजार रुपए लगाकर 3 महीने में कमा सकता हैं लाखों रुपए, आपके पास भी है मौका

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 बाजार में नैचुरल प्रोडक्ट की मांग हमेशा रहती है। अधिकतर लोग कैमिकल युक्त प्रोडक्ट्स की बजाय प्राकृतिक प्रोडक्ट्स ही अपनाते हैं। नैचुरल प्रोडक्ट्स हमारे शरीर के लिए काफी फायदेमंद साबित होते हैं और ना ही इनके कोई साइट इफेक्ट होते हैं। ऐसे में अगर इसे बिजनेस के नजरिए से देखा जाए तो? अगर आपके पास ज्यादा पैसे नहीं हैं लेकिन आप फिर भी बिजनेस करना चाहते हैं तो मेडिसिनल प्लांट की खेती आपके लिए काफी अच्छी साबित हो सकती है। इस बिजनेस को शुरू करने के लिए आपको बहुत अधिक पैसा खर्च करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। और ना ही इसके लिए आपको लंबे-चौड़े फार्म की जरूरत है।  इसे आप कॉन्ट्रैक्ट पर भी ले सकते हैं। 

हो सकती है लाखों की कमाई


आजकल कई कंपनियां कॉन्ट्रैक्ट पर औषधियों की खेती करा रही है। इनकी खेती शुरू करने के लिए आपको कुछ हजार रुपए ही खर्च करने की जरूरत है, लेकिन कमाई लाखों में होती है। अधिकतर हर्बल प्लांट्स ऐसे होतो हैं जो कि कम समय में ही तैयार हो जाते हैं जिनमें तुलसी, आर्टीमीसिया एन्नुआ, मुलैठी, एलोवेरा आदि शामिल हैं। वहीं कुछ पौधे ऐसे भी है जिन्हें गमलों में ही उगाया जा सकता है। इन पौधों की खेती करने के लिए आपको कुछ हजार रुपए की ही जरूरत होती है। लेकिन इससे लाखों में कमाई की जा सकती है।

आयुर्वेद दवाएं बनाने वाली कंपनियां कराती हैं तुलसी की कॉन्ट्रेक्ट फार्मिंग


इन सभी हर्बल पौधों में से यदि हम तुलसी की बाद करें तो इसकी खेती कर आप काफी अच्छी कमाई कर सकते हैं। तुलसी के कई प्रकार होते हैं, जिनसे यूजीनोल और मिथाईल सिनामेट होता है। इनके इस्‍तेमाल से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की दवाएं बनाई जाती हैं। 1 हेक्‍टेयर पर तुलसी उगाने में केवल 15 हजार रुपए खर्च होते हैं लेकिन, 3 महीने बाद ही यह फसल लगभग 3 लाख रुपए तक बिक जाती है। आपको बता दें  कि पतंजलि, डाबर, वैद्यनाथ आदि आयुर्वेद दवाएं बनाने वाली कंपनियां तुलसी की कॉन्ट्रेक्ट फार्मिंग कराती हैं। बता दें कि तुलसी के बीज और तेल का बड़ा बाजार है। हर दिन नए रेट पर तेल और तुलसी बीज बेचे जाते हैं।

Sunday, 24 February 2019

Training Course : jobs in e commerce companies | 1 दिन के कोर्स से E-commerce कंपनियों में मिल सकती है जॉब, ऐसे करें अप्लाई

Training Course : jobs in e commerce companies | 1 दिन के कोर्स से E-commerce कंपनियों में मिल सकती है जॉब, ऐसे करें अप्लाई

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ई-कॉमर्स क्षेत्र में 2023 तक आएंगी 10 लाख नौकरियां

 भारत समेत दुनियाभर में ऑटोमेशन, रोबोटिक्स और आर्टिफ़ीशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीक के विकास और इस्तेमाल से कई क्षेत्रों में रोज़गार खत्म हो रहे हैं। वहीं कुछ क्षेत्र ऐसे हैं जहां जॉब्स की भरमार आने वाली है। इन्हीं क्षेत्रों में से एक क्षेत्र है ई-कॉमर्स का। ताज़ा अनुमान के मुताबिक भारत में ई-कॉमर्स के क्षेत्र में साल 2023 तक 10 लाख नौकरियां आएंगी। वहीं अगर कुल सेल्स की बात की जाए तो अनुमान कहता है कि साल 2020 तक भारत में सालाना ई-कॉमर्स बिज़नेस से होने वाली बिक्री 100 बिलियन डॉलर यानि करीब 7000 अरब रुपये तक पहुंच जाएगी। और अगर 2026 तक के वक्त की बात करें तो तस्वीर काफी अच्छी दिखती है। आकलन है कि 2026 तक भारत में ई-कॉमर्स बिज़नेस 200 बिलियन डॉलर यानि करीब 14000 अरब रुपये का हो जाएगा।
कब करें कोर्स 
ऐसे में इस क्षेत्र में अगर आप नौकरी पाना चाहते हैं या फिर नया बिज़नेस खोलना चाहते हैं तो सरकार आपकी मदद करेगी। भारत सरकार का ई-कॉमर्स बिज़नेस को बढ़ावा देने पर अब फ़ोकस है। एमएसएमई (MSME) यानि सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय का प्रोसेस एंड प्रोडक्ट्स डेवलपमेंट सेंटर (PPDC), आगरा, इसके लिए ट्रेनिंग का आयोजन करने जा रहा है। रविवार 10 फरवरी 2019 को पहली बार ट्रेनिंग सेक्टर-62, नोएडा में होगी।

क्या सीखेंगे आप 
पहला – नोएडा में होने वाली 1 दिन की ट्रेनिंग में आपको ई-कॉमर्स बिज़नेस कैसे शुरु करना है, ई-कॉमर्स बिज़नेस मॉडल, ई-कॉमर्स बिज़नेस शुरु करने कहां जाएं, क्या होता है बिज़नेस इंक्यूबेटर, एंजल फ़ंड, वेंचेर कैपिटल, प्राइवेट इक्विटी, और ऑनलाइन क्राउड फ़ंडिंग के बारे में जानकारी दी जाएगी। साथ ही फ़्लिकार्ट, अमेज़न और ओयो जैसी बड़ी कंपनियां कैसे काम करती हैं बताया जाएगा। 
दूसरा- इसी ट्रेनिंग में बताया जाएगा कि सोशल मीडिया और ऑनलाइन डिजिटल मार्केटिंग के ज़रिए कैसे आप बेहद कम खर्चें से अपने ई-कॉमर्स बिज़नेस को आगे बढ़ा सकते हैं। कैसे आप ऑनलाइन ग्राहक बनाते हैं। ये भी 10 फ़रवरी को नोएडा में होने वाली ट्रेनिंग में बताया जाएगा।
तीसरा- ट्रेनिंग का ये प्रैक्टिकल भाग सबसे अहम है। जब आप ई-कॉमर्स के क्षेत्र में बिज़नेस करने जाएंगे तो रोज़ाना की समस्यों पर आपको प्रैक्टिकल सपोर्ट मिलेगा। ये सपोर्ट आपको फ़ोन पर मिलेगा। आपको फ़ोन नंबर दिया जाएगा, जिसपर कॉल कर आप गाइडेंस ले सकते हैं।

और क्या मिलेगा ?
नोएडा में ट्रेनिंग के बाद एमएसएमई से ईडीपी ऑन ई-कॉमर्स का सर्टिफ़िकेट, सॉफ़्ट स्टडी मौटीरियल, 1 दिन की ट्रेनिंग के दौरान लंच, चाय और स्नैक्स भी दिए जाएंगे।

फ़ीस
ट्रेनिंग की कुल फ़ीस महज़ 3800 रुपये है। जिसमें 6 महीने का फ़ोन पर दिया जाने वाला प्रैक्टिकल सपोर्ट भी शामिल है।

कैसे कर सकते हैं अप्लाई 
ट्रेनिंग से जुड़ी जानकारी और रेजिस्ट्रेशन के लिए एमएसएमई (MSME), प्रोसेस एंड प्रोडक्ट्स डेवलपमेंट सेंटर (PPDC) आगरा की वेबसाइट के इस लिंक पर क्लिक करें।

GST Council Meeting gst rate cut on real state sector | मकान/फ्लैट खरीदना हुआ सस्ता, जीएसटी काउंसिल ने टैक्स दरें कम करने पर लगाई मुहर

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वस्तु एवं सेवा कर (GST) काउंसिल की बैठक में आज घर खरीदारों को बड़ी राहत दी गई। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने ऐलान किया कि जीएसटी काउंसिल ने रियल एस्टेट पर लगने वाली जीएसटी दरों में कटौती पर अपनी मुहर लगा दी है। इसके तहत अब 45 लाख तक के अफोर्डेबल मकान पर 1 फीसदी लगाने का लगेगा, जबकि अंडर कंस्ट्रक्शन मकान और फ्लैट पर 5 फीसदी की जीएसटी दर लगाई जाएगी।

1 अप्रैल से लागू नई दरें

सीएनबीसी आवाज के मुताबिक RBI के प्रियॉरिटी सेक्टर लेंडिंग नियमों के हिसाब से 45 लाख रुपये तक के घर अफोर्डेबल माने जाएंगे। जीएस की नई दरें 1 अप्रैल से लागू होंगी। GST काउंसिल ने रियल एस्टेट पर GST की दरें घटाने का फैसला किया | जीएसटी की घटी हुई दरें पुराने मकानों की बची हुई किश्तों पर भी लागू होगी ।

इन मकानों को माना जाएगा अफोर्डेबल 

जेटली ने कहा कि हमने अफोर्डेबल हाउसिंग के लिए दो परिभाषा तय की हैं। इसमें से एक कारपेट एरिया के हिसाब से होगी, जबकि दूसरी कीमत के आधार पर तय की जाएगी। मेट्रो शहर में 60 स्क्वॉयर मीटर और 45 लाख रुपए कीमत वाले मकानों को अफोर्डेबल मकान माना जाएगा। वही नॉन मेट्रो शहर में 90 स्क्वॉयर मीटर कारपेट एरिया और 45 लाख रुपए कीमत वाले मकानों को अफोर्डेबल मकान माना जाएगा।  

Tuesday, 4 December 2018

Who can apply for the franchise of India Post | पोस्ट ऑफिस की फ्रेंचाइजी लेकर हर माह करें रेगुलर कमाई, जानें पूरा प्रोसेस

Who can apply for the franchise of India Post | पोस्ट ऑफिस की फ्रेंचाइजी लेकर हर माह करें रेगुलर कमाई, जानें पूरा प्रोसेस



India post की आसान शर्तों को पूरा करने से मिल जाएगी फ्रेंचाइजी

पोस्‍टल डिपार्टमेंट 'इंडिया पोस्‍ट' ने पोस्ट ऑफिस खोलने के लिए फ्रेंचाइजी ऑफर की है। फ्रेंचाइजी लेकर आप पोस्ट ऑफिस के प्रोडक्ट्स बेचकर अच्छी खासी कमाई कर सकते हैं। फ्रेंचाइजी के जरिए आप स्‍टांप, स्‍टेशनरी, स्‍पीड पोस्‍ट आर्टिकल्‍स, मनी ऑर्डर, सेविंग्स सर्टिफिकेट आदि बेचकर कमीशन ले सकते हैं, जो आपकी रेगुलर इनकम का जरिया बनेंगी। इस फ्रेंचाइजी स्‍कीम का लाभ कम पढ़े लिखे लोग भी ले सकते हैं क्‍योंकि फ्रेंचाइजी लेने के लिए इंडिया पोस्‍ट ने मिनिमम क्‍वालिफिकेशन 8वीं पास तय की है। आइए आपको बताते हैं कि पोस्‍ट ऑफिस फ्रेंचाइजी कैसे ली जा सकती है और किस सर्विस पर कितना कमीशन आय का जरिया बनता है-  



कौन ले सकता है फ्रैंचाइजी

- कोई भी व्यक्ति, इंस्‍टीट्यूशंस, ऑर्गेनाइजेशंस या अन्‍य एंटिटीज जैसे कॉर्नर शॉप, पान वाले, किराने वाले, स्‍टेशनरी शॉप, स्‍मॉल शॉपकीपर आदि पोस्‍ट ऑफिस फ्रेंचाइजी ले सकते हैं।

- इसके अलावा नई शुरू होने वाली शहरी टाउनशिप, स्‍पेशल इकोनॉमिक जोन, नए शुरू होने वाले इंडस्ट्रियल सेंटर, कॉलेज, पॉलिटेक्निक्‍स, यूनिवर्सिटीज, प्रोफेशनल कॉलेज आदि भी फ्रेंचाइजी का काम ले सकते हैं। फ्रेंचाइजी लेने के लिए फॉर्म सबमिट करना होता है। सिलेक्‍ट हुए लोगों को डिपार्टमेंट के साथ MOU साइन करना होगा। 

- व्यक्ति की उम्र कम से कम 18 साल होनी चाहिए। 

- उसे कम से कम 8वीं पास होना चाहिए। 

- फॉर्म व अधिक  जानकारी https://www.indiapost.gov.in/VAS/DOP_PDFFiles/Franchise.pdf से ली जा सकती है। 

कैसे होता है सिलेक्‍शन


फ्रेंचाइजी लेने वाले का सिलेक्‍शन सबंधित डिविजनल हेड द्वारा किया जाता है, जो एप्‍लीकेशन मिलने के 14 दिनों के अंदर ASP /sDl की रिपोर्ट पर आधारित होता है। यह जान लेना जरूरी है कि फ्रेंचाइजी खोलने की अनुमति ऐसी ग्राम पंचायतों में नहीं मिलती है, जहां पंचायत संचार सेवा योजना स्‍कीम के तहत पंचायत संचार सेवा केन्‍द्र मौजूद हैं। 

कौन नहीं ले सकता फ्रैंचाइजी
 

पोस्‍ट ऑफिस इंप्‍लॉइज के परिवार के सदस्‍य उसी डिवीजन में फ्रेंचाइजी नहीं ले सकते, जहां वह इंप्‍लॉई काम कर रहे हैं। परिवार के सदस्‍यों में इंप्‍लॉई की पत्‍नी, सगे व सौतेले बच्‍चे और ऐसे लोग जो पोस्‍टल इंप्‍लॉई पर निर्भर हों या उनके साथ ही रहते हों, फ्रैंचाइजी ले सकते हैं।  

कितना सिक्‍योरिटी डिपॉजिट
 

पोस्‍ट ऑफिस फ्रेंचाइजी लेने के लिए मिनिमम सिक्‍योरिटी डिपॉजिट 5000 रुपए है। यह फ्रैंचाइजी द्वारा एक दिन में किए जाने वाले फाइनेंशियल ट्रान्‍जेक्‍शंस के संभावित अधिकतम स्‍तर पर आधारित है। बाद में यह एवरेज डेली रेवेन्‍यू के आधार पर बढ़ जाता है। सिक्‍योरिटी डिपॉजिट NSC की फॉर्म में लिया जाता है।


ग्राहकों को मिलेंगी ये सर्विस व प्रोडक्‍ट
1. स्‍टांप और स्‍टेशनरी 
2. रजिस्‍टर्ड आर्टिकल्‍स, स्‍पीड पोस्‍ट आर्टिकल्‍स, मनी ऑर्डर की बुकिंग। हालांकि 100 रुपए से कम का मनी ऑर्डर नहीं होगा बुक 
3. पोस्‍टल लाइफ इंश्‍योरेंस (PLI) के लिए एजेंट की तरह करेगा काम, साथ ही इससे जुड़ी आफ्टर सेल सर्विस जैसे प्रीमियम का कलेक्‍शन भी कराएगा उपलब्‍ध
4. बिल/टैक्‍स/जुर्माने का कलेक्‍शन और पेमेंट जैसी रिटेल सर्विस 
5. ई-गवर्नेंस और सिटीजन सेंट्रिक सर्विस
6. ऐसे प्रोडक्‍ट्स की मार्केटिंग, जिसके लिए डिपार्टमेंट ने कारपोरेट एजेंसी हायर की हुई हो या टाई-अप किया हुआ हो। साथ ही इससे जुड़ी सेवाएं। 
7. भविष्‍य में डिपार्टमेंट द्वारा पेश की जाने वाली सर्विस 

ऐसे होगी कमाई

फ्रेंचाइजी की कमाई उनके द्वारा दी जाने वाली पोस्‍टल सर्विसेज पर मिलने वाले कमीशन द्वारा होती है। यह कमीशन MOU में तय होता है। 

किस सर्विस व प्रोडक्‍ट पर कितना कमीशन
- रजिस्‍टर्ड आर्टिकल्‍स की बुकिंग पर 3 रुपए
- स्‍पीड पोस्‍ट आर्टिकल्‍स की बुकिंग पर 5 रुपए
- 100 से 200 रुपए के मनी ऑर्डर की बुकिंग पर 3.50 रुपए, 200 रुपए से ज्‍यादा के मनी ऑर्डर पर 5 रुपए
- हर माह रजिस्‍ट्री और स्‍पीड पोस्‍ट के 1000 से ज्‍यादा आर्टिकल्‍स की बुकिंग पर 20 फीसदी अतिरिक्‍त कमीशन 
- पोस्‍टेज स्‍टांप, पोस्‍टल स्‍टेशनरी और मनी ऑर्डर फॉर्म की बिक्री पर सेल अमाउंट का 5 फीसदी 
- रेवेन्‍यू स्‍टांप, सेंट्रल रिक्रूटमेंट फी स्‍टांप्‍स आदि की बिक्री समेत रिटेल सर्विसेज पर पोस्‍टल डिपार्टमेंट को हुई कमाई का 40 फीसदी 

आगे पढ़ें- ट्रेनिंग व अवॉर्ड का भी प्रावधान

जिनका सेलेक्शन फ्रेंचाइजी के लिए हो जाएगा, उन्‍हें पोस्टल डिपार्टमेंट की तरफ से ट्रेनिंग भी मिलेगी। ट्रेनिंग इलाके के सब-डिविजनल इंसपेक्टर द्वारा दी जाएगी।
- इसके अलावा जो फ्रेंचाइजी प्‍वॉइंट ऑफ सेल्स सॉफ्टवेयर का यूज करेंगे, उन्हें बार कोड स्टिकर भी मिलेगा।
- अच्‍छा परफॉर्म करने वाली फ्रेंचाइजी आउटलेट को अवॉर्ड भी दिया जाएगा। सालाना अवॉर्ड के लिए संबंधित सर्किल हेड प्रावधान बनाएंगे।  
आगे पढ़ें- ऐसे रिन्‍यू होती है फ्रेंचाइजी

फ्रेंचाइजी जारी रहने का यह है क्राइटेरिया

पोस्‍ट ऑफिस की फ्रेंचाइजी मेट्रो शहरों से लेकर गांव तक में खोली जा सकती है। फ्रेंचाइजी के लिए हर माह 50,000 रुपए का मिनिमम रेवेन्‍यू जनरेशन अनिवार्य है, साथ ही इसका निकट के अन्‍य पोस्‍ट ऑफिस पर निगेटिव इंपैक्‍ट नहीं पड़ना चाहिए। यह रेवेन्‍यू सर्विसेज की रेंज, लोकेशन, संभावित रेवेन्‍यू इन्‍वेस्‍टमेंट, लागत आदि पर निर्भर करेगा। फ्रेंचाइजी को आगे भी जारी रखने का फैसला रिव्‍यू के आधार पर होता है। डिपार्टमेंट द्वारा पहला रिव्‍यू फ्रेंचाइजी खुलने के 6 महीने बाद किया जाता है और इसके आगे जारी रहने का फैसला अगले 6 महीनों बाद यानी पूरे एक साल बाद होता है। इसके अलावा हर माह भी फ्रेंचाइजी का जायजा लिया जाता है।

Wednesday, 21 November 2018

PART TIME JOB : BREAK CAPTCHA IMAGE AND EARN MONEY | दिन में दो घंटे करें यह पार्ट टाइम वर्क, डॉलर में होगी कमाई

PART TIME JOB : BREAK CAPTCHA IMAGE AND EARN MONEY | दिन में दो घंटे करें यह पार्ट टाइम वर्क, डॉलर में होगी कमाई

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अपने लैपटॉप या मोबाइल से कर सकते हैं यह काम

अगर आपके पास कोई जॉब है और आप इनकम बढ़ाने के लिए पार्ट टाइम जॉब ढूंढ़ रहे हैं तो आप मात्र दो घंटे काम करके अच्छी खासी कमाई कर सकते हैं। विदेशों में यह काम करके लोग अच्छा खासा कमा रहे हैं। दरअसल, दर्जनों ऐसी वेबसाइट्स हैं, जिस पर CAPTCHA इमेज को पढ़ कर सही टाइप कर देते हैं तो आप डॉलर में कमाई कर सकते हैं। 




आइए, जानते हैं क्या है कैप्चा इमेज और कैसे आप इससे कमाई कर सकते हैं। 

क्या है Captcha इमेज 
अगर आप किसी वेबसाइट पर जाते हैं और वहां पर आप जब रजिस्टर करते हो तो सबसे लास्ट में आपको एक अलग प्रकार का बॉक्स दिखाई देता होगा, जिसके अंदर आपको कई प्रकार के number or alphabet दिखाई देते हैं, जिनको आपको इस बॉक्स नीचे वाले स्थान पर डालना होता है और जब ये वेरिफाई होता है तो उसे captcha कोड कहा जाता है। इसकी फुल फॉर्म Complete Automated Public Turing Test To Tell Computers and Human Apart है। 

 कौन सी हैं 10 प्रमुख वेबसाइट 
ये हैं 10 प्रमुख वेबसाइट 
ये 10 प्रमुख वेबसाइट हैं, जो इंटरनेशनल हैं और आप साइन अप करके इन वेबसाइट से कमाई कर सकते हैं। 
Kolotibablo टॉप इंटरनेशनल कैप्चार एंट्री जॉब प्रोवाइडर साइट है। इस वेबसाइट पर लोग 100 से 200 डॉलर (7000 से 14000 रुपए) तक कमाई कर रहे हैं। 
MegaTypers इस वेबसाइट पर शुरू में 1000 कैप्चा कोड टाइप करने पर लगभग 32 रुपए मिलता है और धीरे-धीरे आप स्पीड बढ़ा कर 20 हजार रुपए तक कमा सकते हैं। 
CaptchaTypers : इस वेबसाइट पर अलग अलग समय का अलग अलग रेट हैं, जैसे कि सुबह नौ से शाम नौ बजे तक 0.8 डॉलर प्रति 1000 और रात नौ बजे से सुबह नौ बजे 1 डॉलर का भुगतान किया जाता है। 
ProTypers : इस वेबसाइट पर 1000 कैप्चा टाइप करके 0.45 से लेकर 1.5 डॉलर तक हासिल कर सकते हैं। 

 : कुछ और साइट्स के बारे में 

 Captcha2Cash : पर आपको 1000 कैप्चा टाइप करने पर 1 डॉलर तक मिल जाता है। 
2Captcha : इस साइट पर 1 डॉलर प्रति 1000 कैप्चा के अलावा आप किसी और साइट रैफर करते हैं तो आपको अलग से अलग आमदनी होगी। 
Qlinkgroup: यह साइट भी लगभग उपरोक्त रेट पर भुगतान करती है। 
VirtualBee : इस साइट पर रजिस्ट्रेशन के बाद इवेल्यूशन किया जाता है और फिर काम दिया जाता है। 
FastTypers : इस साइट पर रजिस्ट्रेशन के लिए फोटो आईडी की जरूरत पड़ती है। 
PixProfit : इस साइट पर अभी रजिस्ट्रेशन नहीं हो रहा है। 

Tuesday, 13 November 2018

inspirational business movies | पैसा कमाने का हुनर सि‍खाती हैं 5 फि‍ल्में, जान लें इनके नाम

inspirational business movies | पैसा कमाने का हुनर सि‍खाती हैं 5 फि‍ल्में, जान लें इनके नाम

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बि‍जनेस शुरू करना और उससे मोटा पैसा बनाना आसान काम नहीं होता।

 बि‍जनेस शुरू करना और उससे मोटा पैसा बनाना आसान काम नहीं होता। इसके लि‍ए आपको अलग तरह की बुद्धि‍ और युक्‍ति‍ दोनों की जरूरत होती है। हमारे आसपास ऐसे कई लोग हैं, जि‍न्‍होंने चंद रुपयों या जीरो से शुरुआत कर अरबों का अम्‍पायर खड़ा कर दि‍या। हम पुराने जमाने के लोगों की नहीं उस जनरेशन की बात कर रहे हैं जो आज भी हमारे सामने है।





हम आपको ऐसी 5 डॉक्युमेंटरी फि‍ल्‍मों के बारे में बता रहे हैं, जि‍न्‍हें देखकर आपके अंदर का बि‍जनेसमैन बाहर आ जाएगा। आपको बुरे वक्‍त से नि‍पटने की ट्रि‍क्‍स मि‍लेंगी और लोगों को शीशे में उतारने का हुनर भी हासि‍ल होगा। यह फि‍ल्‍में रि‍यल स्‍टोरी पर बनी हैं इसलि‍ए इनकी कहानी पर आप भरोसा कर सकते हैं।

1. स्‍टार्टअप डॉट कॉम
ये कहानी दो ऐसे युवकों की है, जि‍न्‍होंने अपना डॉट कॉम शुरू करने की ठानी। दोनों हार्वर्ड में साथ पढ़ते हैं और फि‍र कुछ अपना काम करने का मन बना लेते हैं। दोनों युवा ऐसे वक्‍त इस काम को शुरू करने का प्‍लान करते हैं, जब इंटरनेट का गुबार सि‍र चढ़ने की शुरुआत कर रहा था। दोनों ने क्‍या-क्‍या झेला और कि‍स उतार चढ़ाव से गुजरे इसकी कहानी इस डॉक्‍युमेंट्री में आपको मि‍ल जाएगी।

 अन्य डॉक्युमेंटरी फिल्मों के बारे में..2. द स्‍टार्टअप कि‍ड
इस फि‍‍‍‍ल्‍म में कई स्‍टार्टअप की कहानी है, जो आपको प्रमोट करने के साथ साथ असफलता के लि‍ए तैयार भी करती है। इसमें ड्रॉपबॉक्‍स, फूडस्‍पॉटि‍ग, साउंडक्‍लाउड और कीप (kiip) को शुरू करने वालों के बारे में बहुत कुछ बताया गया है। कौन सी चीज इन्‍हें भीतर से ताकत देती रहती है, जि‍सके बूते ये लोग तमाम मुश्‍कि‍लों को झेलते हुए भी अपने काम को अंजाम तक पहुंचा पाते हैं।

3. समथिं‍ग वेंचर्ड
क्‍या होगा अगर आपके पास आइडि‍या तो जबरदस्‍त है मगर उसे इस्‍तेमाल करने के लि‍ए रुपया नहीं है। ऐसे में आपको इनवेर्स्‍टस की जरूरत होगी, लेकि‍न तब क्‍या होगा जब आप उन्‍हें आइडि‍या बेच ही नहीं पाए। इस डॉक्‍युमेंट्री में आपको बड़ी टेक कंपनि‍यों जैसे एप्‍पल, इंटेल और अटारी के बारे में बताया गया है। ये कंपनि‍यां आज जहां खड़ी हैं वहां तक वो कैसे पहुंची और अगर इन कंपनि‍यों से जुड़े लोग इनवेस्‍टरों का भरोसा नहीं जीत पाते तो इनका क्‍या हाल होता।
4. स्‍टीव जॉब्‍स वन लास्‍ट थिंग
स्‍टीव जॉब्‍स की कहानी वैसे तो कि‍सी से नहीं छुपी है। मगर उसे स्‍क्रीन पर देखने का अपना ही मजा है। कैसे एक युवक एप्‍पल का सीईओ बन गया और कैसे वो सालों तक लीडर बना रहा। ऐसे कई मौके आए जो उसे तोड़ सकते थे मगर उसके भीतर क्‍या था जि‍सने उसे हमेशा खुद में बांधे रखा और वह पूरी मजबूती के साथ अपने काम में लगा रहा।

5. फ्रीकोनॉमि‍क्‍स
अगर आपने उस फैक्‍टर को पकड़ लि‍या जो लोगों को कि‍सी भी काम या कि‍सी भी डायरेक्‍शन में लगा सकता है तो समझ लीजि‍ए कि‍ आप उन्‍हें इस हद तक मोटीवेट कर सकते हैं कि‍ वो आपके ग्राहक बन जाएं। ये फि‍ल्‍म देखकर आपको इस बात का अहसास हो जाएगा। यह कहानी साइकोलॉजी और मार्केट स्‍ट्रेटजी के बीच के गहरे रि‍श्‍ते पर रोशनी डालती है।

Win Cash Rs 9000 rupee | Google Duo ऐप से कर सकते हैं 9 हजार रु की कमाई, जोड़ने होंगे नए यूजर्स

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पैसा Google Pay से जाएगा सीधे बैंक खाते में


देश के सबसे बड़े सर्च इंजन Google की ओर से कमाई करने का मौका दिया गया है। दरअसल गूगल अपने वीडियो कॉलिंग ऐप Duo का इस्तेमाल बढ़ाने की जुगत में है। इसके लिए गूगल ने एक रिवार्ड प्रोग्राम लॉन्च किया है। जिससे 9000 रुपए तक की कमाई की जा सकती है। Google Support के मुताबिक इसके लिए Duo यूजर को नए यूज़र्स को जोड़ना होगा। अगर आपकी ओर से भेजे गए इनविटेशन को एक्सेप्ट कर लिया जाता है, तो आपको कैश रिवार्ड मिलेगा, जो कि Google Pay के जरिए सीधे आपके खाते में पहुंच जाएगा। 





नए यूजर को जोड़ने पर मिलेगा रिवार्ड 
भारतीय फोन नंबर और भारतीय बैंक में अकाउंट होने पर ऐप से पहली कॉल पर कैश रिवॉर्ड हासिल किया जा सकता है। साथ ही गूगल Duo का इनवाइट भेजकर भी कैश रिवॉर्ड पाया जा सकता है। अगर यूजर पहले से गूगल Duo का इस्तेमाल करता है, तो रिवार्ड नहीं मिलेगा। मतलब यूजर नया होना चाहिए। अगर नए यूजर ने आपका इनवाइट स्वीकर लिया, तो दोनों को कैश रिवॉर्ड मिलेगा। वहीं, जब नया यूज़र अपना अकाउंट एक्टिवेट करेगा तो उसे और आपको 1,000 तक के रिवॉर्ड का एक स्क्रैच कार्ड मिलेगा। 
 
कैश रिवार्ड पाने के लिए क्या करना होगा
अगर आपर Duo के नए यूज़र है, तो यूनीक इनवाइट लिंक भेजने के लिए Duo ऐप में Invite friends में जाकर Share invite लिंक पर क्लिक करना होगा। इनवाइटेड व्यक्ति के ऐप पर रजिस्टर करने के बाद रिवॉर्ड से जुड़ा एक ईमेल लिंक भेजने वाले यूज़र को मिलेगा। इसे टैप करें और Redeem rewards पर क्लिक करें। इसके बाद कैश सीधे आपके लिंक्ड बैंक अकाउंट में ट्रांसफर हो जाएगा। 
 कितना मिलेगा रिवार्ड
इसमें यूज़र अधिकतम 30 रिवॉर्ड्स जीत सकते हैं और हर स्क्रैच कार्ड की लिमिट 1,000 रुपये है। रिवॉर्ड्स सिर्फ एंड्रॉयड यूज़र्स को ही मिलेगा।साथ ही इस कैश रिवॉर्ड्स का फायदा उठाने के लिए आपके फोन में गूगल पे होना चाहिए। 

Wednesday, 24 October 2018

Open zero balance saving account | जीरो बैलेंस पर खोल सकते हैं इन बैंकों में अपने अकाउंट

Open zero balance saving account | जीरो बैलेंस पर खोल सकते हैं इन बैंकों में अपने अकाउंट

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doing business, get registered in less than rs 50, will get many govt. benefits | 50 रु से भी कम में करा लें रजिस्ट्रेशन, कमाई के साथ मिलेंगी कई सुविधाएं

doing business, get registered in less than rs 50, will get many govt. benefits | 50 रु से भी कम में करा लें रजिस्ट्रेशन, कमाई के साथ मिलेंगी कई सुविधाएं

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सरकारी स्कीम्स की मदद से बिजनेस बढ़ाना हो जाएगा आसान

बिजनेस कर रहे हैं या करने की सोच रहे हैं तो रजिस्ट्रेशन जरूर करा लें। इस रजिस्ट्रेशन से आप कई प्रकार के सरकारी लाभ के हकदार हो जाएंगे। अगले 15 दिनों में शहर के साथ कस्बों व गांवों में भी यह रजिस्ट्रेशन शुरू होने जा रहा है। आईटी व इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्रालय के अधीन काम करने वाले कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) पर 50 रुपए से भी कम खर्च में रजिस्ट्रेशन हो जाएगा। एमएसएमई मंत्रालय के कहने पर सीएससी  यह काम करने जा रहा है।



40 लाख उद्यमी रजिस्टर्ड 
एमएसएमई मंत्रालय की तरफ से तीन साल पहले रजिस्ट्रेशन का काम शुरू किया गया था। रजिस्ट्रर्ड उद्यमियों को उद्योग आधार नंबर दिया गया, लेकिन अब तक 40 लाख उद्यमी ही उद्योग आधार नंबर ले पाए हैं। कॉमन सर्विस सेंटर के सीईओ डी.सी. त्यागी ने मनी भास्कर को बताया कि देश में छोटे उद्यमियों की संख्या 6 करोड़ से अधिक है जबकि उद्योग आधार से सिर्फ 40 लाख उद्यमी ही जुड़ पाए हैं। ऐसे में, सरकार ने छोटे उद्यमियों के रजिस्ट्रेशन की जिम्मेदारी सीएससी को सौंपी है।
  
कब से शुरू होगा रजिस्ट्रेशन
त्यागी ने मनी भास्कर को बताया कि सीएससी की तरफ से एमएसएमई मंत्रालय को रजिस्ट्रेशन का पूरा प्रारूप बनाकर दे दिया गया है। उन्होंने बताया कि अगले 15 दिनों में सीएससी पर छोटे उद्यमियों के  रजिस्ट्रेशन का काम आरंभ हो जाएगा। उन्होंने बताया कि रजिस्ट्रेशन कराने के लिए उद्यमियों को 30 रुपए देने होंगे। रजिस्टर्ड उद्यमियों को कार्ड दिया जाएगा जो उनकी पहचान होगी। रजिस्ट्रेशन कराने वाले छोटे उद्यमी कई प्रकार के सरकार लाभ के हकदार हो जाएंगे।
  : क्या-क्या होंगे फायदे 
क्या-क्या हैं लाभ
छोटे उद्यमियों के लिए सरकार की तरफ से कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। इन योजनाओं का लाभ वे तभी ले सकते हैं जब वे एमएसएमई के रूप में पंजीकृत होंगे। सरकार इन दिनों लोन देने में एमएसएमई क्षेत्र को प्राथमिकता दे रही है। एमएसएमई को लोन की ब्याज दरों पर भी छूट मिलती है। हाल ही में वित्त मंत्रालय ने सभी बैंकों से कहा है कि वे एमएसएमई को सिर्फ 59 मिनट में लोन देने की प्रक्रिया पूरी करें। आईसीआईसीआई व कई अन्य बैंकों ने एमएसएमई के टर्नओवर व उनके जीएसटी रजिस्ट्रेशन के आधार पर कम ब्याज दर पर लोन देना शुरू किया है। इन सभी सुविधाओं का लाभ उद्यमियों को तभी मिल पाएगा जब वे रजिस्टर्ड होंगे।

रूरल एंटरप्रेन्योर्स को होगा फायदा 

सरकार का मकसद गांवों में भी काम करने वाले छोटे उद्यमियों को आगे लाना है। उनके प्रोत्साहन के लिए सरकार के पास डाटाबेस होना जरूरी है जिस काम में सीएससी मदद करेगा।
 

satin micro finance, small loan to woman | महिलाओं को छोटे लोन भी दे रही है माइक्रोफाइनेंस कंपनी सैटिन, 2,000 रुपए का भी मिलता है कर्ज

satin micro finance, small loan to woman | महिलाओं को छोटे लोन भी दे रही है माइक्रोफाइनेंस कंपनी सैटिन, 2,000 रुपए का भी मिलता है कर्ज

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2,000 रुपए से लेकर 50,000 रुपए तक का मिलता है लोन

 रूरल एरिया में टेलरिंग की दुकान शुरू करने, सैलून, किराना की दुकान या भैंस खरीदने जैसे छोटे-छोटे कर्ज की जरूरत ज्यादा होती है। खासकर गांवों में रहने वाली महिलाओं को नहीं पता होता कि वह अपने छोटे से कारोबार को शुरू करने के लिए कर्ज कहां से और कैसे ले सकती है। महिलाओं की इन्हीं जरूरतों के लिए माइक्रोफाइनेंस कंपनी सैटिन क्रेडिटकेयर महिलाओं के लिए लोन प्रोडक्ट लेकर आई है।

सैटिन क्रेडिटकेयर नेटवर्क लिमिटेड के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर देव वर्मा ने moneybhaskar.com को बताया कि सैटिन माइक्रोफाइनेंस लोन सिर्फ महिलाओं को उपलब्ध कराता है। ये लोन 2,000 रुपए से लेकर 50,000 रुपए तक का होता है। वह रूरल एरिया की महिलाओं को ट्रेनिंग देने का भी काम करते हैं जिसके जरिए उन्हें यह जानकारी मिलती है कि वह क्या-क्या काम कर सकती हैं। वर्मा ने बताया कि महिलाओं को एक दिन में ही लोन मिल जाता है और वह आधार के जरिए लोन उपलब्ध कराते हैं।

21 राज्यों में है नेटवर्क

सैटिन क्रेडिटकेयर नेटवर्क लिमिटेड दुसरी बड़ी माइक्रोफाइनेंस कंपनी है जिसका ग्रॉस लैंडिंग पोर्टफोलियो 6,025 करोड़ रुपए है। सैटिन अपनी माइक्रोफाइनेंस सर्विस 21 राज्यों में दे रहा है। आसाम, बिहार, त्रिपुरा, मेघालय जैसे राज्यों में महिलाओं को छोटे लोन दे रहा है। वह अब तक 30 लाख महिलाओं को लोन दे चुका है। कंपनी अब सोलर, वाटर औस सफाई के लिए भी लोन दे रही है। कंपनी ने ग्लोबल फर्म टीडब्ल्यूपी, ग्रीनलाइट प्लेनेट के साथ पार्टनरशीप की है। इसके तहत 14,000 लोन बांटे गए हैं। वाटर डॉट ऑआरजी और एससीएनएल के साथ मिलकर 80 हजार वाटर और सफाई से जुड़े लोन बिहार में बांटे गए हैं।

what is common service centre and how can earn with it | 30 हजार रुपए महीना कमाई का मौका दे रही है सरकार, फ्री में कराएं रजिस्ट्रेशन

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अपने गांव या शहर में ही कर सकते हैं यह काम

आप काफी इन्‍वेस्‍टमेंट पर सरकार के साथ बिजनेस करने का मौका तलाश रहे हैं तो आप सरकार द्वारा चलाई जा रही कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) - विलेज लेवल एंटरप्रेन्‍योर्स (VLE) स्‍कीम ज्‍वाइन कर सकते हैं। मोदी सरकार कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) का दायरा बढ़ाने जा रही है। अब छोटे कारोबारी भी CSC में अपना रजिस्‍ट्रेशन करा सकेंगे। इससे CSC की इनकम बढ़ जाएगी। CSC के सीईओ डॉ. दिनेश त्‍यागी ने कहा कि CSC-VLE (विलेज लेवल एंटरप्रेन्‍योर्स) की इनकम बढ़कर 30 हजार रुपए महीना हो सकती है। त्‍यागी ने लोगों से ज्यादा से ज्यादा संख्या में CSC-VLE बनने के लिए अप्‍लाई करने की अपील की है। 


दरअसल, नेशनल ई-गवर्नेंस प्‍लान के तहत सरकार सभी सरकारी सर्विस सस्‍ती दर पर लोगों तक पहुंचाना चाहती है। इसके लिए डिपार्टमेंट ऑफ इन्फॉर्मेशन एंड टेक्‍नोलॉजी द्वारा देश भर में कॉमन सर्विस सेंटर खोले जाने हैं। कॉमन सर्विस सेंटर, जिन युवकों को दिया जाता है, उन्‍हें विलेज लेवल एंटरप्रेन्‍योर कहा जाता है। एक सीएससी में सरकारी, प्राइवेट और सोशल सेक्‍टर जैसे टेलीकॉम, एग्रीकल्‍चर, हेल्‍थ, एजुकेशन, एंटरटेनमेंट, एफएमसीजी प्रोडक्‍ट, बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विस, सभी तरह के प्रमाणपत्र, आवेदन पत्र और यूटिलिटी बिल की पेमेंट की जा सकती है। सरकार सीएससी में मिलने वाले प्रोडक्‍ट्स की सर्विसेज की संख्‍या बढ़ाती जा रही है। जैसे कि अब यहां इंश्‍योरेंस प्रोडक्‍ट भी बेचे जा सकते हैं। 
 
 
कितना करना होगा इन्‍वेस्‍टमेंट 
यदि आप सीएससी खोलना चाहते हैं तो आपके पास कम से 100 से 150 वर्ग फुट स्‍पेस होना चाहिए। इसके अलावा कम से एक कम्प्‍यूटर (यूपीएस के साथ), एक प्रिंटर, डिजिटल/वेब कैमरा, जेनसेट या इन्वर्टर या सोलर पैनल, ऑपरेटिंग सिस्‍टम और एप्‍लिकेशन सॉफ्टवेयर, ब्रॉडबैंड कनेक्‍शन होना चाहिए। इन सब पर आपको 2 से 2.5 लाख रुपए का इन्वेस्‍टमेंट करना पड़ सकता है। 
 
वीएलई बनने के लिए क्‍या करना होगा 
वीएलई बनने के लिए आपके पास आधार नंबर होना जरूरी है। इसके जरिए आप https://csc.gov.in वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। उसके आधार पर आपको ओटीपी नंबर मिलेगा। इसके जरिए आप सीएससी के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यदि आप ऑफलाइन आवेदन करना चाहते हैं तो ग्राम पंचायत या नगर पंचायत स्‍तर पर एक कमेटी का गठन किया जा रहा है। आपको इस कमेटी के पास आवेदन करना होगा, जो आपके प्रपोजल की स्‍टडी करने के बाद आपको सीएससी का लाइसेंस देगी।
ऐसे कर सकते हैं कमाई 
सीएससी में पैन कार्ड, आधार कार्ड, इलेक्‍शन कार्ड, मतदाता सूची में नाम जुड़वाना, पहचान पत्र, पासपोर्ट बनाने की सुविधा दी जा सकती है। इसके अलावा आप मोबाइल रिचार्ज, मोबाइल बिल पेमेंट, डीटीएच रिचार्ज, इंस्टैंट मनी ट्रांसफर, डाटा कार्ड रिचार्ज, एलआईसी प्रीमियम, रेड बस, एसबीआई लाइफ, बिल क्‍लाउड जैसी निजी सेवाएं भी उपलब्ध करा सकते हैं। यहां बैंकिंग, इन्श्‍योरेंस और पेंशन सर्विस भी दी जा सकती है। सीएससी में प्रौढ़ शिक्षा कार्यक्रम, डिजिटल लिटरेसी प्रोग्राम, वोकेशनल व स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग दी जा सकती है। किसानों को सीएससी के माध्‍यम से मौसम की जानकारी व मिट्टी की जांच जैसी सर्विसेस भी दी जाएंगी। इतना ही नहीं टेलीमेडिसन सर्विस भी लोगों को उपलब्ध कराई जा सकती है।
 
गांवों में इंटरनेट पहुंचा रहे हैं वीएलई 
टेलीकॉम मिनिस्ट्री की एक रिसर्च के मुताबिक, अब सीएससी के माध्यम से ग्रामीण इलाकों में इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी की पहुंच हो रही है। इंटरनेट से जुड़ी सर्विस गांवों में भी पहुंच रही हैं। इन सेंटर्स में आईडी कार्ड एवं वेडिंग कार्ड की प्रिंटिंग, लेमिनेशन, डिजाइनिंग, डॉक्‍युमेंट की स्‍कैनिंग व प्रिंटिंग होती है। स्‍टूडेंट्स को कम्प्‍यूटर सिखाया जाता है और वह आसपास के गांवों के युवाओं को जॉब फॉर्म भी देते हैं, जिन्‍हें अलग-अलग वेबसाइट से डाउनलोड किया जाता है।

difference between rich and poor approach or thinking | सिर्फ गरीब सोचते हैं ये 10 बातें, अमीर बिल्कुल भी नहीं करते परवाह

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अमीर और गरीब की सोच में होता है फर्क

सोच का अंतर ही गरीब को गरीब और अमीर को ज्यादा अमीर बनाता है। दरअसल गरीब अक्‍सर जिस बात को लेकर डरे हुए होते हैं, आम तौर पर अमीर उसकी परवाह ही नहीं करते हैं। इंक डॉटकॉम की एक रिपोर्ट बताती है कि अमीरी किस्‍मत नहीं सोच से आती है और सोच के मामले में अमीर हमेशा गरीब पर भारी होते हैं।
ऐसा नहीं है कि गरीबों में अमीर बनने की काबिलियत नहीं होती है, लेकिन उनका फोकस अलग होता है। अमीर अपने गोल को लेकर ज्‍यादा संजीदा होते हैं, वहीं गरीब को इससे बहुत फर्क नहीं पड़ता है। दुनिया भर के 80 फीसदी अमीर लोग अपनी सफलता की वजह अपने गोल पर फोकस्‍ड होना मानते हैं। वे अपने तय किए हुए गोल को पाने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। उनके लिए गोल हासिल करने के लिए कोई चांस फैक्‍टर नहीं होता है। अाइए जानते हैं 10 ऐसी बातों के बारे में जो सिर्फ गरीब सोचते हैं, पर अमीरों को इससे फर्क नहीं पड़ता है...
 
10 बातें जो गरीब सोचते हैं...
नंबर-1: मुझे पैसा कमाने के लि‍ए काम करना है।
नंबर-2: दौलत बुरी होती है और उससे इंसान का दि‍माग खराब होता है।
नंबर-3: अमीर बनने के लि‍ए भाग्‍य और अच्‍छे कनेक्‍शन की जरूरत होती है।
नंबर-4: मुझे कोई एक रास्‍ता तलाशना होगा जहां से मुझे रेगुलर इनकम होती रहे।
नंबर-5: मैं केवल उतना ही बचा सकता हूं जो खर्च पूरा करने के बाद रह गया है।
आगे पढ़ें-और क्या सोचते हैं गरीब
जो गरीब सोचते हैं...
नंबर-6: मुझे अपनी नौकरी के हि‍साब से पैसा मि‍लना चाहि‍ए।
नंबर-7: मुझे मौके के इंतजार में रहना चाहि‍ए।
नंबर-8: मैं अपने मकसद में कामयाब नहीं हो पाया। ये मेरे बस की बात नहीं।
नंबर-9:  मुझे जहां भी पहुंचना है अपने पैसे के दम पर पहुंचना है।
नंबर-10: मुझे स्‍मार्ट बनना पड़ेगा।

आगे पढ़ें-अमीरों को नहीं पड़ता फर्क
अमीरों को फर्क नहीं पड़ता है
गरीब लोग किस्‍मत, सफलता को लेकर जहां इस तरह से सोचते हैं। वहीं अमीरों को इन बातों से फर्क नहीं पड़ता है। बल्कि किस्‍मत, सफलता, मौकों और पैसे को लेकर उनका अप्रोच कुछ ऐसा होता है..

नंबर-1: मुझे पैसे से अपने लि‍ए काम करवाना है।
नंबर-2:  पैसा ये आजादी देता है कि मुझे अपनी सहुलि‍यतों से समझौता ना करना पड़े।
नंबर-3: अमीर बनने के लिए मुझे कड़ी मेहनत करनी होगी और अपनी जिंदगी बदलनी होगी।
नंबर-4 : रेग्‍युलर इनकम के लिए मुझे कई जगह से पैसे कमाने हैं।
नंबर-5 :  मैं पहले 20 फीसदी सेव करूंगा उसके बाद देखूंगा कि 80 फीसदी में क्‍या करना है।
नंबर-6 :  मुझे उतना पैसा मि‍लना चाहि‍ए, जि‍तनी मैं मेहनत कर रहा हूं।
नंबर-7 :  मुझे मौके बनाने होंगे।
नंबर-8 : मैं अपने मकसद में कामयाब नहीं हो पाया, मझे इसके लि‍ए दूसरा रास्‍ता नि‍कालना होगा।
नंबर-9 : मुझे दूसरों को इस बात के लि‍ए राजी करना है कि वो मुझ पर पैसा लगाएं।
नंबर-10: मेरे पास अच्‍छे आइडि‍या होने चाहि‍एं। मुझे ऐसे लोगों के बीच रहना चाहि‍ए जो एक्‍सपर्ट हैं और कभी हार नहीं माननी चाहि‍ए।

1bhk for just 2 lakh, you too can buy mobile homes | सिर्फ 2 लाख में खरीद सकते हैं 1Bhk, कहीं भी कर सकते हैं शिफ्ट

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Mobile homes में मिलेगी घर जैसी सभी सुविधाएं

अगर आप कम जगह में अधिक से अधिक सुविधाओं में रहना चाहते हैं और वह भी कम दाम में, तो यह घर आपके लिए हैं। इनकी खासियत यह है कि ये आपकी जरूरत के मुताबिक डिजायन किए जाते हैं और आप इन्हें कभी भी, कहीं भी शिफ्ट कर सकते हैं। ये हैं पोर्टेबल यानी मोबाइल होम्स जिनकी कीमत लाख रुपए से भी कम से शुरू है। इंडियामार्ट (IndiaMart) वेबसाइट पर एेसी कई कंपनियां हैं जो आपको ये घर बनाकर देंगी, जो पोर्टेबल होने के साथ ईको-फ्रेंडली भी होंगे।

7 दिन में हो जाएगा तैयार
मुंबई की Zigma Cabin Private Limited कंपनी के अधिकारी ने मनी भास्कर को बताया कि 1Bhk दो लाख रुपए में तैयार हो जाएगा। इसकी कीमत 1000 रुपए प्रति square feet रहेगी। उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी पूरी देश में ऐसे घर और अन्य स्ट्रक्चर बनाकर ट्रांसपोर्ट करती है। उन्होंने कहा कि लोगों की जरूरत के मुताबिक घर का साइज कितना भी बढ़ाया जा सकता है और इसे सही सलामत डिलिवर करना कंपनी की जिम्मेदारी होगी।
जैसी जरूरत वैसा घर
IndiaMart पर देशभर की कई कंपनियां रजिस्टर्ड है जो आपको देश के किसी भी कोने में आपकी मर्जी के मुताबिक घर डिलिवर कर सकती हैं। ये घर आपकी जरूरतों के हिसाब से सस्ते और महंगे हो सकते हैं। नई दिल्ली की एक कंपनी जगदंबे प्री फैब सिर्फ 3.75 लाख रुपए में हाउस ऑन व्हील्स बनाकर दे रही है। यह घर वेदरप्रूफ होने के साथ दिखने में भी बेहद खूबसूरत हैं।
मिलेंगी सब सुविधाएं
अहमदाबाद की कंपनी आकाश इंटरप्राइज की नेहा रोहिरा ने मनी भास्कर को बताया कि उनकी कंपनी 20 गुणा 12 से लेकर 40 गुणा 12 तक के घर बनाती है। इसकी कीमत 1500 रुपए square feet है। कस्टमर की जरूरत के मुताबिक घरों में डायनिंग हॉल, लिविंग रूम, फर्नीचर और अन्य लक्जरी सुविधाएं के अलग-अलग रेट्स हैं। यह घर 30 से 35 दिनों में तैयार हो जाते हैं। कंपनी इन्हें कस्टमर की बताई हुई लोकेशन पर ट्रांसपोर्ट करती है। इसके बाद कस्टमर इन्हें अपनी मर्जी से कहीं भी ट्रांसपोर्ट कर सकते हैं।

लोगों को भा रहे हैं मोबाइल होम
मोबाइल होम्स का कॉन्सेप्ट लोगों को काफी पसंद आ रहा है। नेहा ने बताया कि फिलहाल हर महीने लगभग 200 मोबाइल होम्स और ऑफिस, केबिन और दुकानें बनाने के लिए उनके पास ऑर्डर आते हैं।
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