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Saturday, 22 June 2013
Saturday, 2 March 2013
BlogsPundit by E-Guru Rajeev
BlogsPundit by E-Guru Rajeev

यह लेख केवल उन्हीं ब्लॉग लेखकों के लिए महत्वपूर्ण है, जो अपने ब्लॉग से प्यार करते हैं.
यदि आप अपने ब्लॉग में अपनी व्यक्तिगत बातें लिख रहे हैं या अपनी रचनाएं लिख रहे हैं और आप को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि कोई पढ़ रहा है या नहीं, टिप्पणियाँ भी आप अपने लेख के लिए ज़रूरी नहीं समझते हैं तो यह लेख भी आप के लिए बेकार साबित होगा.
यदि आप किसी राजनीतिक विषय या किसी ऐसे विषय पर लेख लिख रहे हैं जिस के लिए पाठक और टिप्पणियाँ ज़रूरी हैं तो आप को ज़रूर ही यह लेख ध्यान से पढ़ना चाहिए.
यदि आप दो-तीन महीने से ब्लॉगिंग कर रहे हैं और आप की ब्लॉगिंग सीरियस है तथा आप लंबे समय तक लिखना चाहते हैं,
परन्तु अभी तक आप ने यह नहीं सोचा है कि आप किस विषय पर लिख रहे हैं या लिखेंगे तो आप का ब्लॉग खतरे में पड़ने वाला है.
ब्लॉगिंग शुरू करते समय तो हमें इस बात का ध्यान नहीं रहता कि हम किस विषय पर लिख रहे हैं,
परन्तु यदि जल्द ही हम इस और ध्यान नहीं देते हैं तो हमारे ब्लॉग की धीरे-धीरे मृत्यु होने लगती है.
किसी भी ब्लॉग की सांसें उसके पाठक और टिप्पणियाँ ही होते हैं.
अतः यह ध्यान देना ही होगा कि पाठक किस ब्लॉग पर जाता है और क्यों ?
पाठक उसी ब्लॉग को पसंद करते हैं जहाँ पर उनकी पसंद की सामग्री प्रचुर मात्र में मिल जाती है. यही आपके ब्लॉग को उन्नत बनाता है, उच्च रैंकिंग भी दिलाता है.
कोई भी पाठक किसी भी चिट्ठे पर उसके लेखों की गुणवत्ता और और संख्या को देखकर ही जाता है.
यदि आप के ब्लॉग पर 40 चुटकुले या व्यंग्य और 25 तकनीकी लेख लिखे गए हैं तो वह पाठक जो चुटकुला-प्रेमी है उसी ब्लॉग को पसंद करेगा जिस पर 60 चुटकुले हों या तकनीकी लेख न हों.
ऐसे फालतू के बोर लेखों से उसे क्या ! वह तो बस कुछ चुटकुले ही पढ़ना चाहता है.
चुटकुला-प्रेमी तकनीकी लेखों को देख भाग खड़ा होगा और ठीक ऐसा ही तकनीकी लेखों को पसंद करने वालों के साथ भी होगा.
अतः समय रहते अपने ब्लॉग का विषय सोच-समझ कर निर्धारित कर लें.
यदि आप को लगता है कि आप चुटकुले, खेल, व्यापार आदि विभिन्न विषयों पर लिख सकते हैं तो बेहतर होगा कि आप प्रत्येक के लिए अलग- अलग ब्लॉग बना लें.
अभी तो कुल मिलाकर हिन्दी में 14000 ( चौदह हज़ार ) ब्लॉग भी नहीं हुए हैं. अतः सम्भव है कि आप के ब्लॉग पर पाठक आ ही जाते हों, पर 2010 में या उसके बाद के वर्षों में क्या होगा इस पर भी यदि आज ही न सोचा गया तो कल आप का ब्लॉग ( चिट्ठा ) दम तोड़ देगा.
आपकी सुविधा हेतु
अगला लेख होगा-- " ब्लॉग का विषय कैसे चुनें ? "
Shaadi.com Indian Matrimonials
सावधान !! आप का ब्लॉग खतरे में,

यह लेख केवल उन्हीं ब्लॉग लेखकों के लिए महत्वपूर्ण है, जो अपने ब्लॉग से प्यार करते हैं.
यदि आप अपने ब्लॉग में अपनी व्यक्तिगत बातें लिख रहे हैं या अपनी रचनाएं लिख रहे हैं और आप को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि कोई पढ़ रहा है या नहीं, टिप्पणियाँ भी आप अपने लेख के लिए ज़रूरी नहीं समझते हैं तो यह लेख भी आप के लिए बेकार साबित होगा.
यदि आप किसी राजनीतिक विषय या किसी ऐसे विषय पर लेख लिख रहे हैं जिस के लिए पाठक और टिप्पणियाँ ज़रूरी हैं तो आप को ज़रूर ही यह लेख ध्यान से पढ़ना चाहिए.
यदि आप दो-तीन महीने से ब्लॉगिंग कर रहे हैं और आप की ब्लॉगिंग सीरियस है तथा आप लंबे समय तक लिखना चाहते हैं,
परन्तु अभी तक आप ने यह नहीं सोचा है कि आप किस विषय पर लिख रहे हैं या लिखेंगे तो आप का ब्लॉग खतरे में पड़ने वाला है.
ब्लॉगिंग शुरू करते समय तो हमें इस बात का ध्यान नहीं रहता कि हम किस विषय पर लिख रहे हैं,
परन्तु यदि जल्द ही हम इस और ध्यान नहीं देते हैं तो हमारे ब्लॉग की धीरे-धीरे मृत्यु होने लगती है.
किसी भी ब्लॉग की सांसें उसके पाठक और टिप्पणियाँ ही होते हैं.
अतः यह ध्यान देना ही होगा कि पाठक किस ब्लॉग पर जाता है और क्यों ?
पाठक उसी ब्लॉग को पसंद करते हैं जहाँ पर उनकी पसंद की सामग्री प्रचुर मात्र में मिल जाती है. यही आपके ब्लॉग को उन्नत बनाता है, उच्च रैंकिंग भी दिलाता है.
कोई भी पाठक किसी भी चिट्ठे पर उसके लेखों की गुणवत्ता और और संख्या को देखकर ही जाता है.
यदि आप के ब्लॉग पर 40 चुटकुले या व्यंग्य और 25 तकनीकी लेख लिखे गए हैं तो वह पाठक जो चुटकुला-प्रेमी है उसी ब्लॉग को पसंद करेगा जिस पर 60 चुटकुले हों या तकनीकी लेख न हों.
ऐसे फालतू के बोर लेखों से उसे क्या ! वह तो बस कुछ चुटकुले ही पढ़ना चाहता है.
चुटकुला-प्रेमी तकनीकी लेखों को देख भाग खड़ा होगा और ठीक ऐसा ही तकनीकी लेखों को पसंद करने वालों के साथ भी होगा.
अतः समय रहते अपने ब्लॉग का विषय सोच-समझ कर निर्धारित कर लें.
यदि आप को लगता है कि आप चुटकुले, खेल, व्यापार आदि विभिन्न विषयों पर लिख सकते हैं तो बेहतर होगा कि आप प्रत्येक के लिए अलग- अलग ब्लॉग बना लें.
अभी तो कुल मिलाकर हिन्दी में 14000 ( चौदह हज़ार ) ब्लॉग भी नहीं हुए हैं. अतः सम्भव है कि आप के ब्लॉग पर पाठक आ ही जाते हों, पर 2010 में या उसके बाद के वर्षों में क्या होगा इस पर भी यदि आज ही न सोचा गया तो कल आप का ब्लॉग ( चिट्ठा ) दम तोड़ देगा.
आपकी सुविधा हेतु
अगला लेख होगा-- " ब्लॉग का विषय कैसे चुनें ? "
प्रस्तुतकर्ता Rajeev Nandan Dwivedi
Thursday, 28 February 2013
Manage Blogger Custom Robots Tags ब्लॉगर रोबॉट टैग प्रबंधन « Tech Prevue
Manage Blogger Custom Robots Tags ब्लॉगर रोबॉट टैग प्रबंधन « Tech Prevue
ब्लॉगर निरंतर SEO सुधारने के लिए प्रयासरत है। इसका आपको लाभ यह है कि आपके ब्लॉग पर लिखा जाने वाला लेख, कविता इत्यादि अन्य सामग्री गूगल, याहू, बिंग जैसे सर्च इंजनों तक सरलता से पहुँचेगी। जिससे आपके ब्लॉग के पाठकों की संख्या में निरंतर वृद्धि होगी।
अपने ब्लॉग का SEO सुधारने के लिए अब ब्लॉगर पर आपको Custom Robots Tags नाम का विकल्प उपलब्ध रहेगा जिससे अपने ब्लॉग की गूगल, याहू, बिंग जैसे सर्च इन्जनों के लिए प्रबंधित कर पायेंगे।
अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें।
Shaadi.com Indian Matrimonials
ब्लॉगर निरंतर SEO सुधारने के लिए प्रयासरत है। इसका आपको लाभ यह है कि आपके ब्लॉग पर लिखा जाने वाला लेख, कविता इत्यादि अन्य सामग्री गूगल, याहू, बिंग जैसे सर्च इंजनों तक सरलता से पहुँचेगी। जिससे आपके ब्लॉग के पाठकों की संख्या में निरंतर वृद्धि होगी।
अपने ब्लॉग का SEO सुधारने के लिए अब ब्लॉगर पर आपको Custom Robots Tags नाम का विकल्प उपलब्ध रहेगा जिससे अपने ब्लॉग की गूगल, याहू, बिंग जैसे सर्च इन्जनों के लिए प्रबंधित कर पायेंगे।
Custom Robots Tags को ब्लॉगर पर प्रबंधित करना
- ब्लॉगर Dashboard पर जायें ¬> Blog चुनें ¬> Settings पर क्लिक करें ¬> Search Preferences पर क्लिक करें ¬> Custom Robots Header Tags के आगे लिखे EDIT पर क्लिक करें
- अब Yes पर क्लिक करके अपनी ब्लॉग के लिए Custom Robots Tags की सेटिंग को Home page, Archives and Search pages और Default for Posts and Pages के लिए प्रबंधित कर लें।
आपकी अधिक सहायता के लिए नीचे चित्र दिये जा रहे हैं
सारणी में Custom Robots Tags को संक्षिप्त रूप में बताया जा रहा है
| Directive | Meaning |
|---|---|
| all | इसका अर्थ है कि आपका ब्लॉग अनुक्रमण (indexing) या सेवा हेतु उपलब्ध है और गूगल खोज परिणामों में दर्शाया जायेगा। यह ब्लॉगर के लिए पूर्व निर्देशित है और इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ता यदि आप इसे टेम्पलेट में पुन: निर्देशित करते हैं। |
| noindex | आपके ब्लॉग या आपके ब्लॉग पेज को खोज परिणामों में दर्शाया नहीं जायेगा और खोज परिणामों से "Cached" लिंक निकाल दिया जायेगा |
| nofollow | ब्लॉग या ब्लॉग पेज पर दिये गये लिंक को खोज परिणामों में दर्शाया नहीं जायेगा |
| none | इसका मान "noindex, nofollow" के समतुल्य होता है |
| noarchive | खोज परिणामों से "Cached" लिंक निकाल दिया जायेगा आपके ब्लॉग के लेखक की तस्वीर और रेटिंग इत्यादि नहीं दर्शायी जायेगी। |
| nosnippet | खोज परिणामों से " snippet " निकाल दिया जायेगा। "snippet" के अंर्तगत खोज परिणामों में |
| noodp | Open Directory project से ब्लॉग लेखों के लिए शीर्षक और snippets के लिए मेटाडेटा प्रयोग नहीं किया जायेगा। |
| notranslate | खोज परिणामों से "translation" विकल्प उपलब्ध नहीं होगा। |
| noimageindex | खोज परिणामों छायाचित्र, चित्र, फोटो आदि शामिल नहीं होंगे। |
| unavailable_after: [RFC-850 date/time] | खोज परिणामों में निर्धारित तिथि/समय के बाद ब्लॉगर पृष्ठ को नहीं दिखाया जायेगा। इसके लिए तिथि/समय को RFC 850 format के अनुरूप होना चाहिए। |
अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें।
Monday, 16 January 2012
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