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Saturday, 1 September 2018

this diwali shop without money with google will | दिवाली पर गूगल करेगा धमाका, बिना पैसे के कर सकेंगे 15,000 दुकानदारों से खरीदारी

this diwali shop without money with google will | दिवाली पर गूगल करेगा धमाका, बिना पैसे के कर सकेंगे 15,000 दुकानदारों से खरीदारी

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खरीदारी के लिए आपको ऑनलाइन लोन गूगल मुहैया कराएगी।

इस साल की दीपावली पर गूगल का बड़ा धमाका होने जा रहा है। बिना पैसे के आप गूगल के प्लेटफॉर्म पर 15,000 विक्रेताओं से ऑनलाइन खरीदारी कर सकेंगे। खरीदारी के लिए आपको तुरंत ऑनलाइन लोन गूगल मुहैया करा देगी। हाल ही में गूगल ने अपने डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म का नाम गूगल पे रखा है जिसके माध्यम से दीपावली के दौरान बिना किसी झंझट के आप लोन लेकर खरीदारी कर सकेंगे। गूगल के इस प्लेटफॉर्म पर उबर, बुकमाईशो जैसी ई-कॉमर्स कंपनियां भी लोन देंगी।



आपके बैंक अकाउंट ट्रांजेक्शन से तय होगी आपके लोन की राशि
गूगल के डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म से लोन देने का काम एचडीएफसी, आईसीआईसीआई, फेडरल व कोटक महिंद्रा जैसे बैंक करेंगे। गूगल लोन लेने के इच्छुक ग्राहकों के ट्रांजेक्शन रिकार्ड को देखते हुए यह तय करेगी कि वह ग्राहक कितना लोन ले सकता है। लोन की राशि उस ग्राहक के अकाउंट में चली जाएगी। आसान किस्त (ईएमआई) में लोन का भुगतान करना होगा।

बिक्री के लिए 15,000 विक्रेताओं का चयन
गूगल ने दीपावली के दौरान सेल धमाका करने के लिए 15,000 ई-दुकानदारों का चयन कर लिया है। इस काम के लिए गूगल टीम की तरफ से विभिन्न जगहों पर वर्कशॉप का आयोजन किया गया था। गूगल ने ग्रामीण इलाके के लोगों को ऑनलाइन खरीदारी सिखाने के लिए ट्रेनर भी नियुक्त किया है। गूगल को सबसे बड़ा फायदा यह है कि गूगल तेज अब गूगल पे ऐप का इस्तेमाल पहले से 5 करोड़ से अधिक लोग कर रहे हैं। इस ऐप का इस्तेमाल करने वालों को दीपावली के दौरान गूगल के प्लेटफॉर्म से खरीदारी के लिए आसानी से लोन मिल जाएंगे। भारत में ई-कॉमर्स कंपनियों का कारोबार 40 अरब डॉलर को पार कर चुका है। अगले दो साल में यह कारोबार 100 अरब डॉलर को पार कर जाएगा।

got ideas in dream and established Rs 2100 cr business | सपने में मिले आइडिया को बनाया हकीकत, खड़ा किया 2100 करोड़ का बिजनेस

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यह शख्स जब नींद से जागा तो उसके सामने 2,100 करोड़ रु का बिजनेस का आइडिया था।

अपना बिजनेस शुरू करना तो कई लोगों का सपना होता है। लेकिन यह शख्स जब नींद से जागा तो उसके सामने 2,000 करोड़ रुपए का बिजनेस का आइडिया था। यह कोई सपना नहीं, बल्कि हकीकत है। दरअसल, अमेरिका के माइक लिंडेल को अपने बिजनेस का आइडिया सपने में मिला और उन्होंने सपने से मिले आइडिया को हकीकत में बदला। आज उनका कारोबार 2,100 करोड़ रुपए (30 करोड़ डॉलर) का हो गया है।


 
सपने में मिला बिजनेस आइडिया
माइक लिंडेल को अक्सर सोने में परेशानी होती थी, क्योंकि वो अपने तकिये को पसंद नहीं करते थे। तकिया आरामदायक नहीं होने की वजह से उनकी नींद पूरी नहीं हो पाती थी। एक रात सोते वक्त अचानक उनकी नींद टूटी और उन्होंने अपने घर के हर कोने में मायपिलो लिख दिया। यहीं से उनके बिजनेस की शुरुआत हुई। आज लिंडेल अमेरिका के पिलो किंग के नाम से जाने जाते हैं।
 
मैनेजर से झगड़े ने पैदा किया बिजनेसमैन का जज्बा
लिंडेल ने मायपिलो की शुरुआत अपने होमटाउन चास्का से की। एक समय लिंडेल अपनी पढ़ाई का खर्च पूरा करने के लिए दो-दो नौकरी करते थे। उन्हें लगा कि वो पढ़ाई में अपना सयम बर्बाद कर रहे हैं। इसलिए उन्होंने कॉलेज की पढ़ाई बीच में छोड़ दी और अपना पूरा समय नौकरी पर लगाया। लेकिन एक दिन उनका झगड़ा मैनेजर से हो गया और उसने उन्हें नौकरी से निकाल दिया। यहीं से उनमें खुद का बिजनेस शुरू करने का जज्बा पैदा हुआ।
ड्रग्स की लत ने किया बर्बाद

नौकरी छूटने के बाद लिंडेल ने कई बिजनेस में हाथ आजमाया। उन्होंने कार्पेट क्लिनिंग का बिजनेस शुरू किया। इसके बाद उन्होंने सुअर पालन का काम शुरू किया। लेकिन मार्केट गिरने की वजह से उनका सबकुछ डूब गया। फिर लिंडेल ने एक बार में बारटेंडर की नौकरी शुरू की और यहां उन्हें ड्रग्स की लत लगी। ड्रग्स की वजह से उनकी पत्नी से तलाक हो गया और अपना घर भी गंवा बैठे। यहीं नहीं, उनका बिजनेस भी लगभग चौपट हो गया।

10 महीने बाद जागे लिंडेल

सब कुछ बर्बाद होने के बाद लिंडेल 10 महीने बाद नींद से जागे और अपने बिजनेस को बढ़ाने की शुरुआत की। 2011 में एक स्थानीय समाचार पत्र ने लिंडेल की कंपनी के बारे में छापा। इसके बाद लोकल स्तर पर उन्होंने तकिया बनाकर बेचना शुरू किया। लेकिन उसमें उन्हें ज्यादा सफलता नहीं मिली। फिर उन्हें एक रिटेल स्टोर ने अपने यहां तकिया बेचने की जगह का ऑफर दिया। पैसे नहीं होने की वजह से वो कहीं से 10.5 लाख रुपए (15000 डॉलर) उधार लि2,100 करोड़ हुआ टर्नओवर
 
लिंडेल ने 16 जनवरी 2009 को एक आखिरी पार्टी के बाद शराब, कोकिन को हमेशा के लिए छोड़ दिया। उसके बाद अपना फोकस बिजनेस पर बढ़ाया और 5 कर्मचारियों से शुरू हुई कंपनी में कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 500 हो गई है। उनकी कंपनी मायपिलो सालाना 3 करोड़ तकिये बेच रही है और कंपनी रेवेन्यू 2,100 करोड़ रुपए (30 करोड़ डॉलर) तक पहुंच गया है।ए, और अपना स्टोर खोला। क्रिसमस के दौरान उन्होंने 80 तकिये बेचे।
 

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तीन साल के बीमे के साथ मिलेगी डिजिटल लॉकर की भी सुविधा

 स्किल इंडिया मिशन के तहत स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग लेने वाले युवाओं को सरकार ने दो तोहफे देने की घोषणा की है। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) के तहत सर्टिफिकेट लेने वाले युवाओं को दो लाख रुपए का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा मिलेगा। यह बीमा तीन साल के लिए होगा। सरकार उन्हें डिजिटल लॉकर की सुविधा भी देगी। उन्हें ट्रेनिंग पूरी करने के बाद स्किल सर्टिफिकेट डिजिटल लॉकर में ही दिया जाएगा।



 
न्यू इंडिया एश्योरेंस से किया टाईअप
पीएमकेवीवाई का उद्देश्य युवाओं को उद्योगों से जुड़ी ट्रेनिंग देना है ताकि उन्हें रोजगार पाने में मदद मिल सके। इसमें ट्रेनिंग की फीस सरकार भरती है। कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय में संयुक्त सचिव और सीवीओ राजेश अग्रवाल ने बताया, ‘मंत्रालय की इस योजना का संचालन नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एनसीडीसी) कर रहा है। कौशल बीमा मुहैया कराने के लिए न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी से गठजोड़ किया गया है। इसके तहत ट्रेनिंग पूरी करने वाले युवाओं की दुर्घटना में मृत्यु या स्थायी विकलांगता का बीमा कवर दिया जाएगा। यह बीमा स्किल सर्टिफिकेट की तारीख से तीन साल के लिए प्रभावी होगा। बीमे का प्रीमियम एनसीडीसी भरेगा।’

 
ट्रेनिंग दे रही है सरकार
पीएमकेवीवाई केंद्र की फ्लैगशिप योजनाओं में से एक है। इसके जरिए सरकार कम-पढ़े लिखे या 10वीं, 12वीं के ड्रॉप आउट (बीच में स्कूल छोड़ने वाले) युवाओं को स्किल ट्रेनिंग देती है। केंद्र सरकार ने इस योजना के माध्यम से 2020 तक एक करोड़ युवाओं को स्किल ट्रेनिंग देने का लक्ष्य रखा है।

 
डिजिटल लॉकर की सुविधा
स्किल इंडिया के तहत ट्रेनिंग पूरी करने वालों को सर्टिफिकेट डिजिटल लॉकर के जरिए दिया जाएगा। यह एप या वेब पोर्टल से डाउनलोड किया जा सकेगा। डिजिटल लॉकर एेसा प्लेटफॉर्म है जिसमें दस्तावेज और सर्टिफिकेट डिजिटल रूप में जारी किए जा सकते हैं और इनका ऑनलाइन सत्यापन किया जा सकता है।

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